फूंका दिया पच्च मेवा में होम किया, दृष्टि में पहुंचा नीर खाई पवन की खीर, नर नारी वश हो जावे खावे नीर खीर, ललिता देवी को याद करे वशीकरण की, बैल बैठाकर खीर चढ़ाओ ललिता देवी को मनाओ, वश में हो जाय जीव, नर नारी ललिता देवी का याद करे, बन जाय जब खीर खाये जगत नीर, पवन खाये सन्त संसार खाये खीर, जो नर ललिता देवी को याद करे बन जाय धीर, वशीकरण हो जाय जगत का, जहाँ पर बैठी शक्ति पीर, जय जय ललिता देवी
इति सिद्धम्इ, स मन्त्र से वशीकरण किया जाता है। जीवधारी शरीर वाले को वशीकरण कर सकते हैं।
वशीकरण यंत्र
1) मंत्र : खरी सुपारी तमन गारी। राजा प्रजा खरी पियारी | मंत्र पढ़ लागू तोरा हिया कलेजा लवे दौड़। जियो तलवे चाटो. मुवे सेव मसान या शब्द की मारी। नहीं ले आये तो हनुमंत की आन. शब्द सांचा पिंड कांचा। फुरो मंत्र ईश्वरी वाचा।
विधि : सूर्य या चंद्र ग्रहण के दौरान 3 माला जपें। फिर किसी भी शनिवार से जप शुरू करके 21 दिनों तक प्रतिदिन 1 माला जपने से मंत्र सिद्धि प्राप्त होती है। फिर किसी भी समय इस मंत्र का जाप एक सुपारी के चारों ओर 7 बार करने से उसे खिलाने वाला व्यक्ति वशीभूत हो जाता है।
2) मंत्र :ॐ गरुजी आदेश्ची ओवंता मोवंता, बंदता, गोरांसी कोई गोतोंता भूत भरेत जग जोतिंगा, डाकन बंधु जोगन बंधु अढ़ाई चरणा, सिकोतारी बंधु तरिया मोहन स्त्री मोहना, राजा मोहन परजा मोहन जात मोहू, मेरी मोहि नाइ मोवो तो बावन वीर, अधोतर भैरू शंकर की वाचा, शबद सच्चा पंड काचा आओ पढ़ें शबद ईश्वर वाचा ||
विधि :भगवान भैरव के मंदिर में जाकर इस मंत्र का जाप करें। 27 दिनों तक रोज़ाना 108 बार इसका जाप करें। भैरव की पूजा करें। एक गिलास शराब चढ़ाएँ। एक नारियल चढ़ाएँ। घी का दीपक जलाएँ। भगवान शंकर के मंदिर में घी का दीपक जलाएँ। लोबान की धूप जलाएँ। रोज़ाना 108 बार इस मंत्र का जाप करें। मंत्र कारगर होगा। फिर चारों रास्तों की मिट्टी लेकर तीन बार मंत्र का जाप करें और जिस किसी पर भी यह मिट्टी फेंकी जाए, वह वशीभूत हो जाता है।
लौंग वशीकरण मंत्र
मंत्र : ॐ जल की योगिनी पाताल की नागिन, जिस पर मेरा भाई पड़ गया है, मैं सुख से सोता नहीं, सुख से बैठता हूं, बार-बार अपना चेहरा देखता हूं, अगर मैं अपनी गांठ खोल दूं तो बाबा नाहर सिंह के बाल गिर जाएंगे।
विधि : चार लौंग पीसकर चूर्ण बनाकर पत्ते पर रखकर धूप दें। फिर उन्हें होठों के बीच रखकर जल में डुबोकर सात बार मंत्र जपें। फिर जल से बाहर आकर पत्ते को मुंह से निकालकर गुगल की धूप खिलाने वाले को दें। ऐसा करने से व्यक्ति वशीभूत हो जाता है।
मणिभद्र वशीकरण मंत्र प्रयो
मणिभद्र वशीकरण मंत्र प्रयोग अत्याधिक तीव्रऔर महत्वपूर्ण वशीकरण प्रयोग है | इसे तांत्रिक और मन्त्रिक दोनों पध्दतियों के द्वारा सम्पन्न किया जाता है | ऐसा कहा जाता है कि तिब्बती लामाओं के पास जो वशीकरण प्रयोग है वे बन्दूक की गोली से भी तीव्र प्रभाव करने वाले और अचूक होते हैं।
प्रयोग करते ही उसका परिणाम प्राप्त हो जाता है। कठोर से कठोर ह्रदय को भी इस मन्त्र के द्वारा अपने वश में किया जा सकता है |
मणिभद्र हिंदू पौराणिक कथाओं में एक महत्वपूर्ण यक्ष हैं, जिन्हें प्रमुख यक्षों में से एक के रूप में जाना जाता है। मणिभद्र का स्वरुप अक्सर धन और समृद्धि से जुड़ा माना गया है ।
मणिभद्र को कुबेर और भद्रा का पुत्र माना जाता है। मणिभद्र को अक्सर खजाने और धन के संरक्षक के रूप में चित्रित किया जाता है। मणिभद्र के पास स्वर्ण और मणियों का भण्डार हमेशा रहता ही है | महाभारत में, उनका उल्लेख यक्षों के प्रमुख के रूप में किया गया है, और कहा जाता है कि अर्जुन ने उनकी पूजा की थी।
~प्रयोग विधि :
मणिभद्र वशीकरण मंत्र को साधक किसी भी शुक्रवार की रात्रि को प्रारम्भ कर सकता है | पहले इस मन्त्र को सिद्ध कर लेना चाहिए, इसके लिए मात्र 11 माला मन्त्र जप 25 दिन में होना आवश्यक है। इसमें सफ़ेद हकीक माला का ही प्रयोग किया जाता है । रात्रि को स्नान कर पश्चिम की ओर मुख कर बैठ जायें | और सामने 'सियार सिँगी' रख दें तथा मात्र अगरबत्ती लगाकर मन्त्र जप प्रारम्भ कर दें।
जब मन्त्र जप 25 दिन में पूरा हो जाये तब उस सियार सिंगी को किसी डिब्बी में बंद कर रख दें। जब मन्त्र सिद्ध हो जाये तब जिसको वश में करना हो उसका नाम उच्चारण करते हुए मात्र 3 माला इस मंत्र का जप कर उसके सामने जायेंगे तो वह आपके वश में हो जायेगा | और आपका कहना मान लेता है।
इस मन्त्र का प्रभाव जीवन भर रहता है। कई साधकों ने इस मन्त्र को सफलतापूर्वक आजमाया है |
और यह मणिभद्र वशीकरण मंत्र है |
मन्त्र : ॐ ह्रीं क्लीँ ऐँ मणिभद्रे हुँ वशाय वशमानय फट्।
मन्त्र में अमुकम के स्थान पर उस व्यक्ति का नाम लें जिसे वश में करना है |
मन्त्रसिद्ध करने के बाद प्रयोग करने का मन्त्र--
ॐ (बीजमन्त्र उच्चारण करेँ) ह्रीँ क्लीँ ऐँ मणिभद्रे हुम् अमुकम वशाय वशमानय फट |
वशीकरण मंत्र में प्रयुक्त बीज मन्त्र
1.अधिकारी को वश में करने के लिए -ऐँ
2. पत्नी - ह्रीं
3.पति - ब्लीं
4.पुत्र या पुत्री - पीँ
5. व्यापारी - क्रीँ
6.अनदेखे व्यक्ति को - ग्लोँ
7.शत्रु को - ब्लूं
8.मुकदमे मे - ह्लीँ
9. विरोधी व्यक्ति को - भ्रां
10.सचिव या मंत्री - टं
यहाँ किसी स्त्री या प्रेमिका को वश मे करने का बीज मंत्र नहीं है। इस साधना को पुरुष या स्त्री कोई भी कर सकता है, और इससे किसी प्रकार की कोइ हानि नहीं होती, इस बात का ध्यान रहना चाहिए कि आप जिस पर मंत्र प्रयोग कर रहे हैं उसे इस बात का पता नहीं चले कि उस पर प्रयोग किया गया है।
साधना वही करें जिनका पहले साधना का ज्ञान हो जिन्होंने गुरु मंत्र का 5 लाख अनुष्ठान किया हो और जिन्होंने कोई भी शिव साधना किया हो 5 लाख 10 लाख सिर्फ वही साधना को करने का अधिकारी होता है जो साधक नए हैं वह ऐसी साधना नहीं करें।
वशीकरण मंत्र
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